Deepawali Shubhkankshalu🎆


दिये वाली दिवाली… ख़ुशी और उम्मीद वाली दिवाली…

ख़ुशी आती है –
रंगोली की तरह… मिठाई और गुजिये की तरह…
चमकते झूमर की तरह… लगते है हर घर धरती पे, सितारों की तरह!!

इस बार कुछ अलग है, पर अपनी सी है…
इस बार दूर रहकर है, पर अपनी सी है!!

दुआ ख़ुशी की… लक्ष्मी के आगम की…
घर खूबसूरत लगता है – रौशनी, फूल और मिठाई से…

अपनों की खिलखिलाहट से…
फूल और माला द्वार पे… लगता है हर घर मंदिर की तरह!!

पकवान की खुशबू घर में उमंग लाती है…
घर में नए कपड़े और सामान नयी खुशियाँ लाती है!!

परन्तु… सच ये भी है –

कुछ घर में दिए नहीं जल रहे है…
अपनों की याद दिल को जला रही है…
आंसू थम नहीं रहे… और कुछ आवाज़ भी दिल को परेशान कर रही है!!

चलो कुछ नया करते है –
आज घर किसी और का रोशन करते है…
मिठाई खिलाके आते है…
कुछ बातें करके दिल को हौसला देते है!!

रंगोली की जगह उन हाथो को सहला आते है…
कुछ अरमान जो गुम हो गए, उन्हें फिर से रौशनी दे आते है!!

कुछ अलग करते है –
ख़ुशी और उम्मीद वाली दिवाली…
अपनों के दिल में बस कर करते है!!

आज दिल से दुआ करते है –
आपकी वृद्धि की… आपकी अच्छे स्वास्थ की…
आपकी मुराद पूरी होने की!!

इस दिवाली –
कुछ उम्मीद पूरी करते है!!

🕉 Deepawali Shubhkankshalu 🕉🎆🧨🎇

Hamara Bhi Hai!


इन रश्मों की दुनिया में…
कहीं हमारा,अपना वाला प्यार भी है!!

इन सवालों की दुनिया में…
कहीं हमारा, सच सा प्यार भी है!!

कहीं गुम हो न जाए दुनिया में…
एक छोटा – सा रिश्ता… हमारा भी है!!

Ummeed Wali Zindagi!


अपने अंदर तूफ़ान लिए घूमते है…
न जाने कितने सवाल लिए घुमते है!!

तजुर्बा कहता है… खामोश रहने को…
दिल कहता है… जरा आवाज देने को!!

सवालों के तूफ़ान… कभी अपना बहाव रोकते नहीं…
दिल ही है, जो हर बार जवाब को छुपा रखता है…
कहीं कोने में… संभाले रखता है!!

अपने अंदर तूफ़ान लिए घूमते है
न जाने कितने सवाल लिए घुमते है।। 

ये कैसी बेचैनी है…
ये कैसा वहम लिए घूम रहे है!!

सोचते कुछ है … होता कुछ है…
ये कैसी बेचैनी लिए घूम रहे है।।

कुछ पाने की कोशीश… कुछ खोने का डर…
मुश्किलों को जीतने की कोशिश… सपनों को पाने की आरजू…
ये कैसी उम्मीद लिए धूम रहे है!!

आसान नहीं है!!
पर अपने अंदर उम्मीद वाली ज़िन्दगी लिए धूम रहे है!!

Sach Kya hai?


सच क्या है?
वो जो हम महसूस करते है…
या वो… जो हम कह नहीं पाते!!

सच क्या है?
वो जो हम कहना चाहते है…
फिर भी खामोश रहते है!!

सच क्या है?
वो जो आँसू बनकर बह जाते है…
और शिकायत भी नहीं करते है!!

या फिर, सच वो है…
जो ख़ुशी बनकर दिखती तो है…
पर फिर भी रोज कुछ तलाशती रहती है!!

Kuch Badla Hai!!


सुबह-सुबह जब अलार्म बजता है
लगता है…
वक़्त कहीं थोड़ी देर नींद में खो जाए 
और हम थोड़ी देर और सो जाए।।

सुबह की वो भाग दौड़
चाय की वो कप 
और वो अख़बार की जगह मोबाईल पे दुनिया।।

कुछ बदला है –

हम वो ही देखते है जिससे दिन अच्छा बीते
हम वो ही सुनते है जिसे सुनकर अच्छा लगे

आजकल,
हर रूम में एक कंपनी चलती है
कहीं ऑफिस तो कहीं स्कूल चलती है।।

बस एक ही कोना है जहाँ फरमाइश चलती है…
अलग सी होती है जगह घर में खुशबू हर दिन नयी होती है
वो किचन है!! 

जहाँ हर रोज़ कुछ नया दिखता है।।
रंग और स्वाद… पर वो बर्तन के ढेर… वो घर साफ़ करना…

थकावट है, 
पर कुछ है जो फिर भी अच्छा लगता है…
अपनो की मुस्कुराहट!!

️इतना सा है के अब फिर से गर्म खाने लगे है 
चाय के वक़्त… साथ चाय पीने लगे है!!
चाय के वक़्त… चाय में मीठी यादें डुबोने लगे है!!

दरवाज़े और डोरबेल  की आवाज़ अब इंतज़ार नहीं करती
क्योंकि अब घर में ही सब रहने लगे है!

पुराने दिन की तरह अब घर में लोग बातें करने लगे है
बच्चे… बच्चे जैसे दिखने लगे है
उनको थोड़ा… हम वक़्त देने लगे है…
कुछ खेल खेलने लगे है!!

नज़दीकियां रिश्तों में बढ़ने लगी है…
लोग एक दुसरे से हाल चाल पूछने लगे है
लोग Google meet / whatsapp पे हर दिन मिलने लगे हैं!!

पुराने दिन की बात भी करने लगे
और मन किया तो गाने गुनगुनाने लगे है
पुरानी यादे छेड़ने लगे है… फिर से कुछ पल जीने लगें है!!

वक़्त पहले भी था… आज भी है…
जानते नहीं कब तक रहेंगा… 

बस ज़िन्दगी को पल में बदल दिया है… तो वक़्त ज्यादा दिखने लगा है ।।

शिकायते कम 
और ज़िन्दगी को जीने लगें है!
कुछ डर में ही सही 
पर जो है उसकी कदर करने लगें है!
कुछ बदला है 
और हम बदलाव को जीने लगे हैं।।

कुछ बदला है –
सोचा नही था कभी ऐसे भी दिन होंगे 
और हम ज़िन्दगी को ऐसै भी जीने लगेंगे!!

वक़्त पहले भी था… आज भी है 
जानते नहीं कब तक रहेगा!!

Mann ki Baat


मन में रहती है मन की बात…

यूँ तो हर दिन कहती है कई बात…
सुन के कभी दिल, मुस्कुराता है… तो कभी आँसू छलकाता है…

मन में रहती है मन की बात…
दिल के तार छेड़ जाती है कई बात!!

कभी आँसू … कभी खिलखिलाहट… कभी मुस्कुराहट…
जोड़ देते है कई तार…
कभी सिर्फ मन में रह जाती है मन की बात!!

चुप हो जाती है कई बार बस यूँ ही… दिल की बात!!
अपनों को देख न जाने क्यों… मचल जाती है मन की बात…
और राज़ कहने लगती है आँखों से… मन की बात!!

मन है जो हर बार कहता है दिल की बात…
दिल ने सँभाल रखा है, राज़ की बात!!

जज़्बात हर बार दिल को जोड़ता है…
रोक के दिल में सवाल और जवाब की बात…

मन में रहती है मन की बात…
दिल के तार छेड़ जाती है कई बात!!

Mehfil


यूँ महफ़िल में आ गए तेरे…
लगा के, देख के तुमको सुकूॅं मिलेगा!!

जब नज़र आये तुम तो जज़्बात यादो तक पहुँच गए…
और हम ख्यालो में बहते चले गए!!

जब नज़र मिली तुमसे महफ़िल में…
नज़रे तुम में कहीं गुम हो गई!!

दिल ने चाहा बहुत के नज़र झुका ले…
पर हिम्मत फिर से –
गुम होने की हुई नहीं…

पर हिम्मत फिर से –
तुम्हें खोने की हुई नहीं!!

Khwaaish


सुना है ख्वाईश बहुत खूबसूरत होती है।।
बस थोड़े में भी आंसू हँसा दे…
तो हर कहानी कुछ नयी होती है।।

सुना है ख्वाईश बहुत खूबसूरत होती है।।
बस जीना सीख लो… तो ज़िन्दगी खूबसूरत होती है।।

सुना है ख्वाईश बहुत खूबसूरत होती है।।
ख़ामोशी जब बोलने लगे… तो हर शब्द ख़ामोश होती है…
और जिंदगी कुछ नयी कहानी फिर से जीने लगती है!!

सुना है ख्वाईश बहुत खूबसूरत होती है…
ख्वाईशो को पंख देकर देखो…
…अपनी पहचान कुछ नयी सी दिखती है।।

Guroor


नादान पंछी की तरह… कभी इस ड‍ाल, तो कभी उस डाल पे ठिकाना ढूढ़ते रहे…
अपनों की ख़ुशी के लिए … न जाने कितने कसम खुद से किये, और खुद को जोड़ते रहे…

अपने पे हमेशा गूरर था… के सब अपने है…
जब वक़्त आया… तो सब ने अपने घोंसले चुने।।
और इस नादान को डाल पे रहने दिया…
खुद सब अपने घोंसले पे गूरर करते रहे।। 

नादान पंछी की तरह… कभी इस ड‍ाल तो कभी उस डाल पे ठिकाना ढूढ़ते रहे!!