Waqt !!


बड़ा शोर करता है ये रात आजकल…
दिन में आजकल वक़्त थोड़ा मिलता है !!

न जाने कौन – कौन सी यादों में सिमटा रहता है…
पर जब भी मिलता है –
किसी न किसी वक़्त से मिला देता है।।

शोर में खुद को आज़ाद रखना आसान होता है…
ख़ामोशी में खुद को समेटना मुश्किल !!

ख़ामोशी तो सच बयान कर जाती है…
हर बार वो खुद से मिला जाती है !!

यादों की शोर में वक़्त रूठा सा मिलता है…
अपनी ही फितुर में खोया सा रहता है !!

आँसू नमकीन है …
पर दिल हर बार मीठा कुछ माँगता है !!
दिल उदास रहता है…
हर वक़्त ख़ुशी की तलाश करता है !!

वक़्त का ऐसा है
के हर बार नयी पहेली सुलझाने के लिए हमें मजबूर करता है ।।

वक़्त को रोक भी लेते है…
थोड़ा मुस्कुरा भी लेते है…
थोड़ा गुनगुना भी लेते है …
थोड़ा नाराज़गी भी जताते है !!

पर ये वक़्त ही है जो –
हर वक़्त कुछ कहते हुए …
सुनते हुए …कुछ युहि साथ गुज़र जाता है!!

रात वक़्त को समझाने लगता है…
खामोशी मे खुद को पाने लगता है !!

Shikayat !!


शिकायत!!

खुद से …खुदा से…वक़्त से…हालात से…
अपनी बेचैनी से …अपनी उम्मीद से…
न जाने कब किससे…क्यों ये शिकायत ??

बस ये शिकायत है !!


क्यों ये कहते हुए ख़ामोशी से शिकायत…
क्यों ये रहते हुए ज़िन्दगी से शिकायत…
क्यों ये बहते हुए आँसू से शिकायत…
क्यों ये जाते हुए प्यार से शिकायत…
क्यों ये आते हुए गुस्से से शिकायत…
क्यों ये छोटी -छोटी मुश्किलों से शिकायत…
क्यों ये दूर रहते रिश्तों से शिकायत…

क्यों है ये शिकायत ?

बस खुद से कह दे …के कुछ नहीं पाने की है चाहत…
कुछ खोने का गम नहीं… कोई पास हो उसकी आरज़ू नहीं …
बस खुद से उम्मीद है…शिकायत भी खुद से…
ज़िन्दगी साँसों से बंधी रहे …ज़िन्दगी बस यूँहि बीत जाए !!

कहना क्या और सुनना क्या…
बस आँसू आँखों से कुछ कह दे…
दिल थोड़ा सा मुस्कुरा दे…
दूर जो है वह पास आकर कुछ सुना दे…
आरज़ू बस दिल के कोने में … सूकून से सपने में खो जाए !!

कहते है – जब बात खुद की हो तो शिकायत भी अपनी सी लगती है…
कुछ कहती नहीं है…बस खुद में सिमट के रह जाती है !!

जब तक शिकायत है … प्यार भी है और नफरत भी !!
ज़िन्दगी भी है … और उम्मीद भी !!

शिकायत है इसलिए…

आपको ज़िन्दगी मुबारक !!

Zid Kuch Aisi Hai !!


कहना क्या है !!

तेरी मेरी कहानी एक ज़िद पे टिकी है …

कभी कही भी नहीं और समझ भी गए…
ये ज़िद कुछ ऐसी है !!

Jab Chand ko dekh rahe the!!


जब चाँद को देख रहे थे…
तो लगा जैसे खुद को देख रहे थे।।

अँधेरे में चमक इतनी खूबसूरत थी…
के लगा खुद को आईने में देख रहे थे !

थोड़ी तो दाग दिखी चाँद में …
लगा जैसे तजुर्बा बयान कर रही थी…
न जाने कितने दर्द लिए मुश्कुरा रही थी !

कहीं हमारी तरह ही खुद को दर्द में लपेटकर…
अपने सिर्फ उजाले दिखा रही थी !

काले बादल में सितारों के साथ…खूब बातें कर रही थी…
सितारों को देख …हमें भी दोस्तों की याद आ रही थी !

चमकते सितारों की तरह, हमारी ऑंखे चमक रही थी…
यादें बुन रही थी और बातें गुनगुना रही थी !

चाँद को देख समझ आयी एक बात –
चाँद की खूबसूरती आँखों से नहीं…दिल से दिखती है…
और इंसान की खूबसूरती दिल से होती है ।।

चाँद से बातें तो रोज़ होती हैं –
इज़हार चाँद से ..चाँद के साथ ..प्यार और तकरार की बात…
इंतज़ार की बात …करीब आने की बात …दूर जाने की बात…
कुछ है कुछ और पाने की बात … ख़ुशी और गम की बात…
मेरी और तुम्हारी बात …
कितना कुछ है उस चाँद के साथ …..!!

वक़्त के साथ सब कुछ बदल रहा है …
ये सोच के दिल बस ….तेरे साथ हर लम्हा गुज़ार रहा है…
ईद का चाँद हो या करवा चौथ का …बस चाँद का इंतज़ार हमेशा दिल से होता है।।

इसलिए शायद… हम चाँद के करीब है…
इंतज़ार भी करते है , और रात की खामोशी में सुकून से, साथ रहते है…
चाँद की तरह बस दूसरो को खुश देखकर खुश होते है ।।

जब चाँद ढलने लगता है तो बहुत कुछ कहता है –
अपने को ऐसा बना के रखना…के आपको लोग हमेशा देखना चाहे…
इंतज़ार ही सही, पर आपको देखने के लिए हमेशा वक़्त का इंतज़ार करे !!

पूरा या आधा चाँद …आकाश की खूबसूरती चाँद से होती है…
रात में सही …कभी आँखे बंद में…कभी खुली में …
चाँद हमारे साथ …हमारे पास होता है।।

जब चाँद को देख रहे थे…
तो लगा खुद को देख रहे थे !
!

Intezaar!!


यूॅं मिलते भी रहे और सवाल करते भी रहे…
ज़िन्दगी में कई बार खुद को सवाल में घेरते भी रहे!

न जाने क्यों …पर हर बार खुद को यूॅंहि परेशान करते रहे…
रिश्ते कभी साथ रहे… या फिर दूर जाने के बहाने ढूँढ़ते रहे…
फिर भी न जाने क्यों हम इंतज़ार करते रहे!!

कभी आँखे बहुत कुछ छुपाती रही…
और ख़ामोशी की हर बात दिल मे चुभती रही!!

ख़ामोशी से बातें तो होती रही… समझते और समझाते भी रहे…
ख़ामोश होना आसान नहीं… तूफान को रोकना भी आसान नहीं!!

उम्मीद है!!

मौसम फिर बदलेंगे… फिर बारिश भी होगी…
फिर पतझड़ भी होंगे… और आँसू कुछ वक़्त बाद सूख भी जायेंगे!!

मुलाकात तो होती रहेगी… ज़िन्दगी सवाल करती रहेगी…
नए सपने फिर से बुनने लगेंगे… नए सवाल फिर से होगी!!

तजुर्बा कुछ ऐसा होगा… के सवाल के जवाब मिलने लगेंगे…
कुछ शिकायत जो दिल से थी… वो गुम होने लगेंगे…
सतरंगी सपने सवालो को धुॅंधले करते रहेंगे…
और बस मंज़िल पास आने लगेगी!!


मुसाफ़िर की तरह ज़िन्दगी कोई और ठिकाना ढूंढ़ने लगेगी।।

सफर के हमसफ़र बदलते रहेंगे…
कुछ लोग जुड़ेगे और कुछ बिछड़ जायेंगे…
पर आँखे फिर भी नम होगी… तेरा इंतज़ार करेगी!!

तेरा मेरा साथ होगा या नही ये तो नहीं जानते…
पर तेरे साथ हम ज़रूर होंगे!!

वक़्त को बदल तो नहीं सकते…
पर हर वक़्त में तेरे साथ हम होंगे!!

सवाल के जवाब मिलेंगे या नहीं… क्या पता?
शायद… कुछ सवाल के जवाब नहीं होते!!

तुमको इंतज़ार हो के नहीं…
हमें तुम्हारा इंतज़ार हमेशा रहेगा !!

Khwaab Mei!!


ख़्वाब में तेरा आना जाना लगा रहता है…
सुना है दिल तुम्हारा भी युॅंही बेचैन रहता है!!

दो पल के लिए ही सही तेरा दीदार सिर्फ मेरे लिए होता है…
सुना है तुम्हे भी युॅंहि मिलना अच्छा लगता है।।

ख़्वाब में तेरा आना जाना लगा रहता है!!

तुम्हे कहीं तो पा लेते है…
खुद के लिए…बस ये एहसास अच्छा लगता है।।

ख़्वाब में तेरा आना जाना लगा रहता है!!

उन पल को फिर से जीने का मज़ा… कभी- कभी ख़्वाब में सही…
अपने करीब तुमको पाया… इससे ज्यादा खूबसूरत और कुछ भी नहीं।।

ख़्वाब में तेरा आना जाना लगा रहता है!!

यूँ दिन बीते और शाम भी हो और ख़्वाब हमेशा तुम्हारे हो…
वक़्त कैसा भी हो… बस तुम्हारे साथ हो… ख़्वाब हमेशा तुम्हारे हो।।

ख़्वाब में तेरा आना जाना लगा रहता है!!

न जाने क्यों युॅंही गुज़र जाते है ख्यालों में…
आप मेरे और मैं आपके ख्यालो में…
चाहत है रुक ही जाये तेरे ख्याल में …
सुना है तुम्हे भी युहि मिलना अच्छा लगता है।।

ख़्वाब में तेरा आना जाना लगा रहता है!!

Tu Ek Hi Hai


तेरी तारीफ हम क्या करे…
तू तो एक ही है!

तेरी दुआ हम क्या करे…
तू दिल में एक ही है!

समझ सकते तो अच्छा था…
न समझे… तो भी ठीक है!

तू खुश रहे हमेशा…
न मै रहूॅं, तो भी ठीक है!!

साल यूॅंहिं गुज़र गए…
मेरे बाद भी गुज़र जायेंगे…
तेरी ख़ुशी जिसमे है…
वो तुझे मिल जाए!!

तू मेरी दुआ में शामील है…
तू जाने के नहीं… क्या पता??

तू दुआ है… तू उम्मीद है…
तुझसे ज़िन्दगी है!!

कुछ ख़ास है… तेरा और मेरा साथ…

तेरी तारीफ हम क्या करे… तू एक ही है…
तू बस एक ही है!!

Mere Jaane ke Baad


पल भर में उम्र ख़त्म हो जाती है… 
न जाने जिन्दगी कहाँ गुम हो जाती है!

जिस ज़िन्दगी में इतने सपने देखते है…
बस एक पल में राख बन जाती है…
ज़िन्दगी यूॅंहिं खत्म हो जाती है!

जिन सपनों के लिए हम सारी ज़िन्दगी जीते है…
बस एक पल में खुशियां बिखर जाती है!

जो आईना देखकर हम सजा सवरा करते है…
उसे आखरी बार हम देख भी कहॉं पाते है!

जो सोचा वो पा लिया…
जो कहा वो सुन लिया… एैसा होता कहाँ हैं!

जो रिश्ते कभी छूट गए…
वो मिलने फिर आ गए… मेरे जाने के बाद !!

ज़िन्दगी तू भी खूबसूरत है… दूर जाने के बाद…
फिर भी जीती है यादो में… दूर जाने के बाद!!

Kuch Badla Hai!!


सुबह-सुबह जब अलार्म बजता है
लगता है…
वक़्त कहीं थोड़ी देर नींद में खो जाए 
और हम थोड़ी देर और सो जाए।।

सुबह की वो भाग दौड़
चाय की वो कप 
और वो अख़बार की जगह मोबाईल पे दुनिया।।

कुछ बदला है –

हम वो ही देखते है जिससे दिन अच्छा बीते
हम वो ही सुनते है जिसे सुनकर अच्छा लगे

आजकल,
हर रूम में एक कंपनी चलती है
कहीं ऑफिस तो कहीं स्कूल चलती है।।

बस एक ही कोना है जहाँ फरमाइश चलती है…
अलग सी होती है जगह घर में खुशबू हर दिन नयी होती है
वो किचन है!! 

जहाँ हर रोज़ कुछ नया दिखता है।।
रंग और स्वाद… पर वो बर्तन के ढेर… वो घर साफ़ करना…

थकावट है, 
पर कुछ है जो फिर भी अच्छा लगता है…
अपनो की मुस्कुराहट!!

️इतना सा है के अब फिर से गर्म खाने लगे है 
चाय के वक़्त… साथ चाय पीने लगे है!!
चाय के वक़्त… चाय में मीठी यादें डुबोने लगे है!!

दरवाज़े और डोरबेल  की आवाज़ अब इंतज़ार नहीं करती
क्योंकि अब घर में ही सब रहने लगे है!

पुराने दिन की तरह अब घर में लोग बातें करने लगे है
बच्चे… बच्चे जैसे दिखने लगे है
उनको थोड़ा… हम वक़्त देने लगे है…
कुछ खेल खेलने लगे है!!

नज़दीकियां रिश्तों में बढ़ने लगी है…
लोग एक दुसरे से हाल चाल पूछने लगे है
लोग Google meet / whatsapp पे हर दिन मिलने लगे हैं!!

पुराने दिन की बात भी करने लगे
और मन किया तो गाने गुनगुनाने लगे है
पुरानी यादे छेड़ने लगे है… फिर से कुछ पल जीने लगें है!!

वक़्त पहले भी था… आज भी है…
जानते नहीं कब तक रहेंगा… 

बस ज़िन्दगी को पल में बदल दिया है… तो वक़्त ज्यादा दिखने लगा है ।।

शिकायते कम 
और ज़िन्दगी को जीने लगें है!
कुछ डर में ही सही 
पर जो है उसकी कदर करने लगें है!
कुछ बदला है 
और हम बदलाव को जीने लगे हैं।।

कुछ बदला है –
सोचा नही था कभी ऐसे भी दिन होंगे 
और हम ज़िन्दगी को ऐसै भी जीने लगेंगे!!

वक़्त पहले भी था… आज भी है 
जानते नहीं कब तक रहेगा!!