ज़िन्दगी में शायद ही कोई बात शायद होती है…
ज़िन्दगी में शायद ही कोई बात पूरी होती है!
दिल में जो बात है,
शायद ही वो कभी जुबान पे होती है!
दिल में जो दर्द है,
शायद ही वो शब्दों में बयान हो पाती है!
खुशियाँ तो बांटने से बढ़ती है…
शायद ही हम पूरा दे पाते है!
आशाएं तो है…
शायद ही हम पूरा कर पाते है!
ज़िन्दगी तो खूबसूरत है…
शायद ही हम इसके रंग जी पाते है!
देने को तो बहुत कुछ है…
शायद ही हम कुछ दे पाते है!
सबके रहते हुए भी अकेले से है…
शायद ही हम साथ चल पाते है!
खुद पे विश्वास तो है…
शायद ही हम कदम ले पाते है!
ज़िन्दगी तो हर पल चुनौती है…
शायद हम जीने से डरते है!
शायद न होता गर… ज़िन्दगी कुछ और होती…
ख़्वाब होते हकीकत,
ख़ुशियाँ आज़ाद होती!!
