कुछ ऐसा रिश्ता है… भाई बहन का…
जब भी माँगता है… दुआ ही माँगता है।।
माँगते है ख़ुशी दुआओ में तुम हमेशा खुश रहो।
जो भी है… खूबसूरत है… हमारा है… बस संभाल के इसे रखो।।
बचपन की खिड़की जब खोलते थे…
तो खिलखिलाहट मिलने चली आती थी।
अब जब खिड़की खोलते है…
तो दुनियादारी चली आती है।।
चलो फिर से चलते है उस उम्र में जब सिर्फ भाई बहन के रिश्ते थे।
प्यार और झगड़े भी थे, पर एक दुसरे को मनाते भी हम ही थे।।
कितनी आसान थी ज़िन्दगी जब सब साथ होते थे…
चॉक्लेट और पेस्ट्री खाकर खुश हो जाते थे… हम खूबसूरत होते थे।।
कुछ ऐसा रिश्ता है… भाई बहन का…
जब भी माँगते है… दुआ ही माँगते है।।
ऐसा सिर्फ किस्मत वालो के पास होता है।
ऐसा प्यार सिर्फ भाई बहन का होता है।।
