कभी वो पल खत्म न हो वैसे फुरसत वाली ज़िन्दगी की गुज़ारिश… यूँही बारिश की तरह रिमझिम गाती दिल की फरमाइश…
कभी साथ भीगना… तो कभी कंधे पर आँसू छलकाना… कभी तुम्हारी बाहों के घेरे में सुकून से सो जाना… कभी सिर्फ आँखों से बातें करना…
बारीश में कार के शीशे पे वो पानी का बहना… और तुम्हारे हाथ में मेरे हाथ का होना!!
वो कार में बैठ कितनी सारी बातें करना… कभी कुछ भी नहीं कहना! …और कभी नाराज़ होकर इंतज़ार करना! फिर कुछ ही पल में एक हँसी के लिए तुम्हारे करीब आना… और बारिश की तरह बस झमझम खिलखिलाना!!
कुछ बातें जो आज तक चलती है… कुछ यादें जो आज भी मुस्कुराती है… कुछ लम्हे जो आज तक सँभाल के रखी है… कुछ एहसास जो आज तक दिल के करीब है… कुछ आँसू जो आज भी बारिश की तरह बरसते है… ख़ामोशी आज भी पुकारती है…
आज भी बारिश कभी – कभी रुलाती है… आज भी बारिश कभी – कभी दिल को भीगाती है!!