Mehfil


यूँ महफ़िल में आ गए तेरे…
लगा के, देख के तुमको सुकूॅं मिलेगा!!

जब नज़र आये तुम तो जज़्बात यादो तक पहुँच गए…
और हम ख्यालो में बहते चले गए!!

जब नज़र मिली तुमसे महफ़िल में…
नज़रे तुम में कहीं गुम हो गई!!

दिल ने चाहा बहुत के नज़र झुका ले…
पर हिम्मत फिर से –
गुम होने की हुई नहीं…

पर हिम्मत फिर से –
तुम्हें खोने की हुई नहीं!!

Baarish


ये बारीश… 
न जाने कितनी यादें साथ लाती है!!

यूँही बारिश में भीगना और छपाक के तार छेड़ना…

वो गर्म चाय की एक कश और इतनी सारी सपनो की बातें…

कभी वो पल खत्म न हो वैसे फुरसत वाली ज़िन्दगी की गुज़ारिश…
यूँही बारिश की तरह रिमझिम गाती दिल की फरमाइश…

कभी साथ भीगना… तो कभी कंधे पर आँसू छलकाना…
कभी तुम्हारी बाहों के घेरे में सुकून से सो जाना…
कभी सिर्फ आँखों से बातें करना…

बारीश में कार के शीशे पे वो पानी का बहना…
और तुम्हारे हाथ में मेरे हाथ का होना!!

वो कार में बैठ कितनी सारी बातें करना…
कभी कुछ भी नहीं कहना!
…और कभी नाराज़ होकर इंतज़ार करना!
फिर कुछ ही पल में एक हँसी के लिए तुम्हारे करीब आना…
और बारिश की तरह बस झमझम खिलखिलाना!!

कुछ बातें जो आज तक चलती है…
कुछ यादें जो आज भी मुस्कुराती है…
कुछ लम्हे जो आज तक सँभाल के रखी है…
कुछ एहसास जो आज तक दिल के करीब है…
कुछ आँसू जो आज भी बारिश की तरह बरसते है…
ख़ामोशी आज भी पुकारती है…

आज भी बारिश कभी – कभी रुलाती है…
आज भी बारिश कभी – कभी दिल को भीगाती है!!

Aisa Kyu Hai?


हर बार जाने की बात करते हो…

पर ऐसा क्यों है,
हर बार हमारे पास ही रह जाते हो!!

Tere saath


मैं तेरे साथ हूँ… जहाँ भी तू है,
आँखें नम ही सही… तू मुझमें ही है।।

कहने को बहुत कुछ है… पर शब्द नहीं है…
ये एक एहसास है… सुना है तुमसे ही है।।

Tere hokar


सोचा नहीं था के तुमसे दूर कभी हो जायेंगे…
सोचा था… के सिर्फ तेरे होकर रह जायेंगे।।